कोरोना का खौफ / बाजार के इतिहास में 5वीं बार लगा लोअर सर्किट, इंट्राडे में 3600 अंक गिरने के बाद एक दिन की सबसे बड़ी रिकवरी; 1325 अंक ऊपर बंद हुआ सेंसेक्स

शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स बाजार खुलते ही 2,534 अंक तक गिर गया। ओपनिंग के 12 मिनट बाद ही लोअर सर्किट लगने के कारण ट्रेडिंग रोक दी गई। दोबारा ट्रेडिंग शुरू होते ही सेंसेक्स 3600 अंक तक गिर गया। हालांकि, बाद में यूएस फ्यूचर्स और सेबी के आश्वासन के बाद रिकवरी शुरू हो गई। इतनी बड़ी गिरावट के बाद सेंसेक्स में 1700 अंकों तक की तेजी देखने मिली। यह सेंसेक्स के इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे रिकवरी है। दिनभर के कारोबार में 5400 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह भी एक दिन में सेंसेक्स में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1325.34 अंक ऊपर चढ़कर 34,103.48 पॉइंट पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी 433.50 अंक ऊपर चढ़कर 10,023.65 पॉइंट पर बंद हुआ।


बाजार में रिकवरी आने के प्रमुख कारण



  • यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में रिकवरी

  • रिस्क मैनेजमेंट पर सेबी की तरफ से आश्वासन

  • क्रूड ऑयल की कीमतों में और गिरावट

  • बाजार की रिकॉर्ड गिरावट के बाद निवेशकों ने जमकर की खरीदारी


लोअर सर्किट यानी, बाजार का बेहद बुरा वक्त
जुलाई 2001 की सेबी की गाइडलाइन के बाद सर्किट की शुरुआत हुई थी। भारतीय शेयर बाजार में अचानक आए बड़े उतार-चढ़ाव को थामने करने के लिए सर्किट लगाया जाता है। ये दो तरह के होते हैं। अपर सर्किट और लोअर सर्किट। अपर सर्किट तब लगाया जाता है, जब बाजार एक तय सीमा से ज्यादा बढ़ जाता है। और जब उसी सीमा से ज्यादा घटता है तो लोअर सर्किट का इस्तेमाल किया जाता है। सेबी ने सर्किट के लिए तीन ट्रिगर लिमिट 10%, 15% और 20% तय की हैं। यानी उस वक्त बाजार जितने पर है, उसका 10%, 15% और 20% घटने-बढ़ने पर सर्किट लगता है। शुक्रवार को बाजार में तेज गिरावट के बाद सेंसेक्स में लोअर सर्किट लगाया था।



  • जब दोपहर 1 बजे से पहले शेयर बाजार 10% तक गिर या चढ़ जाए तो ट्रेडिंग 45 मिनट के लिए रोक दी जाती है।

  • अगर 1 बजे के बाद 10% उतार-चढ़ाव होता है तो कारोबार को केवल 15 मिनट के लिए रोका जाता है।

  • अगर दोपहर 1 बजे से पहले शेयर बाजार में 15% उतार-चढ़ाव आए तो ट्रेडिंग 1 घंटे 45 मिनट के लिए रोक दी जाती है।

  • अगर ट्रेडिंग के दौरान किसी भी वक्त शेयर बाजार में 20% का उतार-चढ़ाव आता है तो बचे हुए दिन के लिए ट्रेडिंग बंद कर दी जाती है।


2008 के बाद 12 साल में पहली बार शेयर बाजार में सर्किट ब्रेक लगा



  • सबसे पहला मौका 21 दिसंबर 1990 में आया था, जब सेंसेक्स में 16.19% की गिरावट दर्ज की गई थी। इस गिरावट के बाद शेयर बाजार 1034.96 के स्तर पर पहुंच गया था।

  • सेंसेक्स में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट 28 अप्रैल 1992 में आई थी। तब सेंसेक्स में 12.77% की गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन शेयर बाजार 3896.90 के स्तर पर बंद हुआ था।

  • तीसरा मौका था 17 मई 2004 में आया, जब शेयर बाजार में 11.14% की गिरावट दर्ज की गई। तब शेयर बाजार 4505.16 के स्तर पर जाकर बंद हुआ था।

  • 24 अक्टूबर 2008 को सेंसेक्स में 10.96% की गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन शेयर बाजार 8701.07 के स्तर पर बंद हुआ था।